हरदा: एसएमएस बायो फ्यूल कंपनी ने मनाया स्वतंत्रता दिवस, शिक्षा और विकास में दिया बड़ा योगदान

राजेन्द्र बिल्लौरे,हरदा।

​मध्यप्रदेश के हरदा जिले में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में एसएमएस बायो फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने भी इस अवसर पर शिक्षा और गाँव के विकास के लिए सराहनीय पहल की।

कंपनी परिसर में सुबह 7 बजे, महाप्रबंधक (जीएम) प्रवीण चौधरी ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान कंपनी के सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। जीएम प्रवीण चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि कंपनी के प्रयासों से देश को इथेनॉल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है और किसानों को भी मक्के की बढ़ती मांग से लाभ मिल रहा है। उन्होंने सभी को अपने घरों और आसपास के इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने का संदेश भी दिया।

स्कूलों में स्मार्ट क्लास और जरूरी सामान वितरित

​कंपनी के मालिक सौरभ सूद और जीएम प्रवीण चौधरी ने बताया कि 15 अगस्त के अवसर पर छह स्कूलों को मदद दी गई है, जिनमें छिदगांव हाई स्कूल, मिडिल स्कूल, कन्या शाला, रायबोर के दो स्कूल और पिपल्या का शासकीय स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में बच्चों के लिए पेन, रजिस्टर, ज्यामितीय बॉक्स, वॉटर कैन, बैडमिंटन, फुटबॉल, पंखे और ट्यूबलाइट जैसी चीजें भेंट की गईं।

​इसके अलावा, कंपनी ने एक अनूठी पहल करते हुए छिदगांव हाई स्कूल, रायबोर स्कूल और पिपल्या के शासकीय स्कूल में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की है। प्रत्येक स्मार्ट क्लास में 75 इंच की एलईडी स्क्रीन और प्रोजेक्टर लगाया गया है। जीएम प्रवीण चौधरी के अनुसार, एक स्मार्ट क्लास प्रोजेक्ट की लागत लगभग 4 लाख रुपये है, यानी तीनों स्कूलों में कुल 12 लाख रुपये का निवेश किया गया है। यह पहल बच्चों की शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए की गई है।

ग्राम पंचायत को मिला विकास कार्यों के लिए सहयोग

​कंपनी ने छिदगांव मेल ग्राम पंचायत को भी विकास कार्यों के लिए बड़ी मदद दी। पंचायत को 200 बोरी सीमेंट, 2 लाख रुपये का चेक, 8 कुर्सियां और टेबल, और गाँव की सुरक्षा के लिए डीवीआर सहित 8 सीसीटीवी कैमरों का सेट प्रदान किया गया। पंचायत सचिव सुरेश यादव ने बताया कि इस सहयोग से गांव में विकास कार्यों को गति मिलेगी और जल्द ही ग्राम सभा की बैठक में इस बारे में निर्णय लिया जाएगा कि कैमरे कहाँ लगाए जाएँ और सीमेंट का उपयोग किन कार्यों में किया जाए।

​इसके अतिरिक्त, छिदगांव मेल, रायबोर और पिपल्या—इन तीनों गांवों में लगभग 25-25 सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइटें भी लगाई गईं, ताकि रात के समय भी गांव की गलियां रोशन रहें। एसएमएस बायो फ्यूल कंपनी की इस पहल की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।

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