
राजेंद्र बिल्लौरे,हरदा।
मध्यप्रदेश के हरदा जिले के नागरिकों को सरकारी दफ्तरों की भागदौड़ से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चलने वाले ‘संकल्प से समाधान अभियान’ की रूपरेखा जारी कर दी गई है।
जिला पंचायत सीईओ अंजली जोसेफ ने बताया कि इस अभियान के तहत 106 जन सेवाओं को शामिल किया गया है, जिसका लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के निवासियों को मिलेगा।
चार चरणों में चलेगा समाधान का चक्र-
प्रशासन ने इस अभियान को सुव्यवस्थित रूप से चलाने के लिए इसे चार विशिष्ट चरणों में विभाजित किया है। जिसमे प्रथम चरण (12 जनवरी – 15 फरवरी): सर्वे दल घर-घर जाकर (डोर-टू-डोर) आवेदन और शिकायतें एकत्र करेंगे। ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर क्लस्टर स्तर के लिए डेटा तैयार किया जाएगा। द्वितीय चरण (16 फरवरी – 16 मार्च): क्लस्टर स्तर पर विशेष शिविर आयोजित होंगे, जहाँ प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।तृतीय चरण (16 मार्च – 26 मार्च) विकासखंड स्तर पर बड़े शिविर लगेंगे, जिनमें उन समस्याओं को सुलझाया जाएगा जो क्लस्टर स्तर पर हल नहीं हो पाईं। चतुर्थ चरण (26 मार्च – 31 मार्च)अंतिम चरण में जिला स्तर पर महा-शिविरों का आयोजन होगा, जहाँ सभी अनसुलझे मामलों का वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में निपटारा किया जाएगा।
15 व 16 जनवरी को पंचायत-वार्ड में जुटेंगे जनप्रतिनिधि
अभियान की सफलता के लिए कलेक्टर ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। 15 और 16 जनवरी को जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अधिक से अधिक लोग अपनी समस्याओं का आवेदन दे सकें।प्रशासन का संकल्प है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को शासन की 106 योजनाओं का सीधा लाभ मिले। सभी विभागों को व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण व नगरीय निकायों को निर्देश-
नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को निर्देशित किया गया है कि वे मुनादी और प्रचार-प्रसार के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करें। अभियान का लक्ष्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि 31 मार्च तक उनका पूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना है।

