हरदा।सोमवार को जिले की आशा,उषा कार्यकताओं ने कलेक्ट्रेट पहुचकर नारेबाजी कर प्रशासन को 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौपा।
दरअसल,आशा और उषा कार्यकर्ताओं पर काम का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है,लेकिन वेतन वृद्धि नहीं की जा रही। एक साल पूरा होने के बाद भी सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं का वेतन नहीं बढ़ाया गया।जिससे आशा,उषा कार्यकर्ताओ में रोष व्याप्त है।
1 वर्ष बाद भी एक हजार रुपए नहीं बढ़ाया वेतन –
संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष अनिता चावड़ा ने बताया कि भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आशा और उषा कार्यकर्ताओं की पंचायत में हर साल एक हजार रुपए की वार्षिक वेतनवृद्धि देने की घोषणा की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 6 सितंबर 2023 में एक आदेश जारी कर वार्षिक वेतनवृद्धि की बात कही थी, जो एक साल पूरा होने पर भी अधूरी है।उन्होंने कहा कि जुलाई से अक्टूबर के बीच के सभी एरियर का भुगतान भी नहीं किया है। जिलाध्यक्ष अनीता गौर ने बताया कि वर्तमान में सरकार आशा कार्यकर्ताओं से 53 प्रकार के कार्य कराए जा रहे हैं।वही,अब आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।आशा, उषा कार्यकर्ताओं से गैर विभागीय कार्य कराने पर रोक लगे, रिटायरमेंट होने पर एक लाख रुपए दिए जाएं, दुर्घटना में घायल होने पर मुफ्त इलाज हो, एंड्राइड मोबाइल दिया जाए, आयुष्मान कार्ड बनाने से मुक्त किया जाए।इस दौरान दीपिका विश्नोई, मणि सोलंकी, अर्चना गहलोद, क्षमा पाटिल, हेमवती पंवार, रीना, संजू, ममता ज्ञापन सौपते समय अन्य आशा,उषा कार्यकर्ता मौजूद रही।

