बैंक ऑफ इंडिया एम्प्लॉई यूनियन की प्लेटिनम जुबली: बैतूल और हरदा में कर्मचारियों का शक्ति प्रदर्शन

बैतूल/हरदा

​फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इंडिया एम्प्लॉई यूनियन के गठन के 75वें वर्ष (प्लेटिनम जुबली) के ऐतिहासिक अवसर पर बैतूल और हरदा में विशाल बैंक कर्मचारी सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में यूनियन के गौरवशाली इतिहास को याद करने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों और बैंकिंग सुधारों पर गहन मंथन हुआ।

​प्लेटिनम जुबली और संगठनात्मक एकता
​सन 1951 में स्थापित यह संगठन आज अपने स्वर्णिम 75 वर्ष पूरे कर रहा है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित मीटिंग में मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉई संगठन के महासचिव साथी बी.के. शर्मा और बैंक ऑफ इंडिया एम्प्लॉई यूनियन (म.प्र. इकाई) के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी साथी प्रमोद चतुर्वेदी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। संगठन की ओर से इस खुशी के अवसर पर सभी साथियों को स्मृति स्वरूप उपहार गिफ्ट भी वितरित किए गए।

​5-डे बैंकिंग के लिए ‘वार रूम’ से छिड़ी जंग-

​मीटिंग का एक मुख्य केंद्र यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा आहूत 5-डे बैंकिंग की मांग रहा। ​इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए 5 दिवसीय ट्विटर कैंपेन चलाया गया।
​कैंपेन को प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष वार रूम स्थापित किया गया, जिसने सोशल मीडिया पर बैंक कर्मचारियों की आवाज को सरकार तक पहुँचाने में सफलता हासिल की।

​प्रमुख मुद्दे और चुनौतियाँ-
​वक्ताओं ने वर्तमान बैंकिंग परिदृश्य में कर्मचारियों के सामने आ रही चुनौतियों पर प्रकाश डाला: लेबर कोड के दुष्परिणाम: नए श्रम कानूनों से कर्मचारियों के अधिकारों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव पर चर्चा की गई।
​कस्टमर सर्विस: संगठन ने संकल्प लिया कि ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार किया जाएगा। संगठनात्मक मजबूती: प्रबंधन और सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया गया।
​उत्साही भागीदारी-
​इस पूरे आयोजन में हरदा और बैतूल के 90 से अधिक बैंक कर्मियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से साथी मनोज, निलेश, कुलदीप, राहुल, भूपेंद्र, कंचन, एकता, भारती सहित कई वरिष्ठ व युवा साथी मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने एक स्वर में बेहतर ग्राहक सेवा और यूनियन की एकता का समर्थन किया।

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