
हरदा। मध्यप्रदेश के हरदा जिले के छीपाबड़ थाना क्षेत्र में हुए एक ‘अंधे कत्ल’ का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह सफलता मात्र 48 घंटे में हासिल की।
बता दे कि 20 सितंबर 2025 को छीपाबड़ पुलिस को खिरकिया के ग्राम कुड़ावा के पास एक नाले में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव की पहचान मोरसिंह सिसोदिया (35) निवासी ग्राम गरबड़ी, जिला खंडवा के रूप में की। शुरुआती जांच में पाया गया कि मोरसिंह की हत्या गला और गुप्तांगों पर दराते से वार करके की गई थी। इसके बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के इरादे से शव को हाथ-पैर बांधकर नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ऐसे हुआ हत्या का पर्दाफाश-
इधर, मृतक मोरसिंह के भाई संतोष सिंह राजपूत ने पुलिस को बताया कि मृतक का गांव की ही एक महिला के साथ अवैध संबंध था। इसी शक के आधार पर पुलिस ने महिला और उसके पति से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पता चला कि मृतक मोरसिंह महिला को परेशान करता था और पति की गैरमौजूदगी में उसके घर में घुस जाता था। परेशान होकर महिला, उसके पति मायाराम और उनके रिश्तेदार ध्यानसिंह और शेरू उर्फ शेरसिंह ने मिलकर मोरसिंह की हत्या की योजना बनाई। योजना के अनुसार, महिला ने मोरसिंह को घटना की रात भाग चलने के लिए कहा। बीते 18 सितंबर 2025 की रात करीब 1 से 2 बजे मोरसिंह महिला को लेकर खिरकिया पहुंचा, जहां तीनों आरोपी भी मौजूद थे।
आरोपियों ने मोरसिंह को पकड़ा, उसके हाथ-पैर और मुंह बांधकर मोटरसाइकिल पर बैठाया और उसे कुड़ावा रोड पर ले गए। वहां उन्होंने दराते से उसकी गर्दन और गुप्तांगों पर वार कर हत्या कर दी। इसके बाद, साक्ष्य मिटाने के लिए शव को झाड़ियों में छिपा दिया। आरोपियों ने मृतक की मोटरसाइकिल भी रोशनी चौकी के पास एक नदी में फेंक दी थी। इधर, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों की मदद से इस पूरी वारदात का खुलासा किया।
पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया-
आरोपी मायाराम राजपूत 50 वर्ष निवासी ग्राम गरबड़ी, जिला खंडवा, ध्यानसिंह राजपूत 45 वर्ष निवासी ग्राम अर्चना, जिला नर्मदापुरम, शेरू उर्फ शेरसिंह राजपूत 45 वर्ष निवासी ग्राम रिछी, जिला नर्मदापुरम वही, पुलिस ने संबंधित महिला समेत चार आरोपी गिरफ्तार किए है। इस पूरे मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह चौहान और उनकी टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई।

