हरदा। मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हरदा में संविधान के 75वें अमृत महोत्सव के अवसर पर “हमारा संविधान, हमारा सम्मान” विषय पर दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विविध प्रतियोगिताओं और ज्ञानवर्धक व्याख्यानों से सराबोर महोत्सव रहा। बता दे कि 20 और 21 मार्च को आयोजित इस महोत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताओं और ज्ञानवर्धक व्याख्यानों का आयोजन किया गया। जिसमे 20 मार्च को निबंध और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें छात्रों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। वही, दूसरे दिन शुक्रवार को प्रश्न मंच और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने छात्रों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया।
संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला-
महोत्सव के दौरान आयोजित व्याख्यान माला में, मुख्य वक्ता डॉ. अनिल मिश्रा, खिरकिया कॉलेज ने संविधान के विकास और संवैधानिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को संविधान के ऐतिहासिक विकास और इसके वर्तमान महत्व से अवगत कराया। मुख्य अधिवक्ता प्रकाश टांक ने अपने व्याख्यान में संविधान के कानूनी महत्व, संवैधानिक अधिकारों और साइबर कानून के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

प्राचार्य ने संविधान के अध्ययन पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए, प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार सिकरवार ने छात्रों को संविधान के 75वें अमृत महोत्सव की बधाई दी और सभी को संविधान की किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संविधान हमारे देश की आत्मा है, और हर नागरिक को इसके बारे में जानना चाहिए। श्री वी. बिछोतिया ने संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। आयोजन में सभी की सहभागिता कार्यक्रम का सफल मंच संचालन बसंत सिंह राजपूत ने किया, और आभार व्यक्त भी उन्हीं के द्वारा किया गया। संयोजक डॉ. दुर्गेश तेली ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि संविधान समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से वंचितों और शोषितों को सुरक्षा प्रदान करता है।
इस अवसर पर डॉ. धीरा शाह, डॉ. संगीता बिले, डॉ. राकेश परस्ते, डॉ. यशवंत अलावा, श्री राजेश गौड़, डॉ. सर्वेंद्र पटेल, श्री कन्हैयालाल मालवीय, डॉ. हरिहर लवानिया, श्री गौरव बिल्थेरिया, डॉ. रविंद्र कुमार सोनपुर, मनीष परसाई, चंद्रकिशोर लोखंडे, डॉ. अनिल कौशल, डॉ. बलवान सिंह पवार, बृजेश शाक्यवार, रामदयाल मकवाना, डॉ. पूनम गुर्जर, राजेश दीक्षित, डॉ. पारस बेले, लोकेंद्र पाटीदार, डॉ. शितिका बर्कले, डॉ. वंदना मगरदे और महाविद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित थे।

