
हरदा। स्वतंत्रता दिवस जैसे पावन अवसर पर हरदा जिले के ढोलगांव कला गाँव में एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक ओर देश अपनी आज़ादी के 79 साल पूरे होने का जश्न मना रहा था, वहीं दूसरी ओर शासकीय प्राथमिक शाला ढोलगांव कला के मासूम छात्र-छात्राएं प्रभात रैली निकालने के लिए कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरने को मजबूर थे।
बता दे कि यह घटना ग्राम पंचायत ढोलगांव कला के स्कूल परिसर के मुख्य द्वार की है। भारी बारिश के कारण गेट के पास पानी भर गया और पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया। इसके बावजूद, स्कूल प्रशासन और ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव ने इस समस्या को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। मासूम बच्चे इसी कीचड़ से होकर अपनी प्रभात फेरी पूरी करने को मजबूर हुए, जो कि स्वच्छता अभियान और सरकारी प्रयासों पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
इस घटना ने जनपद पंचायत खिरकिया की ग्राम पंचायत ढोलगांव कला में स्वच्छता अभियान की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक स्वच्छ भारत मिशन में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं और अधिकारियों के निर्देशों की भी अवहेलना कर रहे हैं।
यह घटना दर्शाती है कि जहाँ सरकार स्कूली शिक्षा और बच्चों के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर लापरवाही और उदासीनता का आलम है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसने स्वतंत्रता दिवस के गौरव को धुंधला कर दिया।

