
खंडवा। बैंक ऑफ इंडिया एम्प्लॉइज यूनियन, मध्य प्रदेश की दो दिवसीय वर्किंग कमेटी मीटिंग 11 और 12 अगस्त को खंडवा में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। खंडवा यूनिट की मेजबानी में आयोजित इस बैठक में प्रदेश भर के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य नए लेबर कोड और बैंकिंग नीतियों पर गहन चर्चा करना और संगठन को भविष्य के लिए नई दिशा देना था।
संगठन की मजबूती और भविष्य की रणनीति
बैठक के मुख्य अतिथि, फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ यूनियन के महासचिव कॉमरेड दिनेश झा लल्लन ने अपने संबोधन से सभी को प्रेरित किया। उन्होंने नए लेबर कोड और औद्योगिक संबंधों में हो रहे बदलावों का विश्लेषण किया और पूंजीवादी व समाजवादी नीतियों के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन की सफलता की कुंजी पदाधिकारियों का ज्ञान है। सभी सदस्यों को श्रम कानूनों, बैंकिंग नीतियों और कर्मचारियों के अधिकारों की गहरी समझ होनी चाहिए। उन्होंने पदाधिकारियों को ‘लेबर लॉ के सच्चे बेयरर्स’ बनने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि यूनियन का गौरवशाली इतिहास कठिन परिस्थितियों में हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
टीमवर्क और मजबूत नेतृत्व का शानदार उदाहरण
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में खंडवा यूनिट का योगदान अतुलनीय रहा। डीजीएस और खंडवा यूनिट के अध्यक्ष कॉमरेड प्रमोद चतुर्वेदी और एजीएस कॉमरेड कृष्णा बछानिया के अथक प्रयासों और सूक्ष्म योजना ने इस आयोजन को प्रदेश भर में चर्चा का विषय बना दिया। उनके साथ खंडवा यूनिट के साथी मनोज, निलेश, मिथिलेश, आशुतोष, शिंदे, मुकेश और मोहनीश ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। कॉमरेड प्रमोद चतुर्वेदी की दूरदर्शी रणनीतियों और समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की कार्यशैली ने खंडवा यूनिट को प्रदेश में सबसे सक्रिय और प्रभावी यूनिट के रूप में स्थापित किया है। वहीं, मध्य प्रदेश यूनियन के महासचिव कॉमरेड यू.एस. वर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों के हितों की रक्षा और यूनियन की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया गया है।
खंडवा यूनिट ने इस आयोजन के माध्यम से साबित कर दिया कि संगठित प्रयास, मजबूत नेतृत्व और टीमवर्क से किसी भी चुनौती को सफलता में बदला जा सकता है। यह आयोजन भविष्य में संगठन की शक्ति और दिशा तय करने के लिए एक प्रेरणास्रोत रहेगा। इस बैठक में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, धार, जबलपुर, बैतूल, हरदा और बुरहानपुर सहित कई जिलों से आए पदाधिकारियों और सदस्यों ने हिस्सा लिया, जिससे संगठनात्मक एकजुटता की एक नई मिसाल कायम हुई।

