
हरदा। शहर के स्वागत बंगला स्थित नव दुर्गा उत्सव समिति द्वारा स्थापित शिव मंदिर की प्रथम वर्षगांठ श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। मंदिर स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
हल्दी-मेहंदी की रस्म में थिरकीं महिलाएँ-
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भगवान भोलेनाथ की पारंपरिक हल्दी-मेहंदी की रस्म विधि-विधान से संपन्न की गई। पीले वस्त्र धारण कर पहुंची महिलाओं ने मंगलगीत गाए और ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया। मंदिर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण दिव्य और भक्तिमय हो उठा।
आस्था का केंद्र: चबूतरे से भव्य मंदिर तक का सफर-
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह स्थान प्राचीन काल से ही श्रद्धा का केंद्र रहा है। पूर्व में यहां एक पेड़ के नीचे छोटा सा चबूतरा था, जहाँ लोग मन्नतें मांगते थे। कालान्तर में यहां माँ दुर्गा की स्थापना हुई और अब एक वर्ष पूर्व भव्य शिव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। पंडित विनोद प्रति उपाध्याय के मार्गदर्शन में यहाँ निरंतर धार्मिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
नन्हीं गुल्लक से मिली बड़ी श्रद्धा-
इस आयोजन की सबसे खूबसूरत झलक बच्चों की भागीदारी रही। जहाँ बड़ों ने दान दिया, वहीं नन्हे बच्चों ने अपनी गुल्लक में जमा किए पैसे मंदिर की सेवा और पूजन के लिए अर्पित कर दिए। यह दृश्य सामाजिक एकता और बच्चों में सनातन संस्कारों का अनूठा उदाहरण पेश कर रहा था।
महाशिवरात्रि पर निकलेगी भव्य ‘शिव बारात’
समिति ने घोषणा की है कि आगामी महाशिवरात्रि पर क्षेत्र में भव्य शिव बारात निकाली जाएगी। इस बारात में:
- आकर्षक झांकियां और ढोल-नगाड़े होंगे।
- भजन संध्या और कीर्तन का आयोजन होगा।
- विशाल महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।
इनका रहा विशेष योगदान-
आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष नारायणदास रैकवार, कोषाध्यक्ष दौलतराम वर्मा, सचिव रामदास उपाध्याय, सह सचिव जी.बी. गांवड़े और वरिष्ठ सदस्य प्रमोद मुद्गल की मुख्य भूमिका रही। वहीं, पिछले 26 वर्षों से सक्रिय युवा टीम (राम भक्त) के ऋतिक गौर, अंकित वर्मा, रवि रैकवार, अथर्व उपाध्याय और सार्थक पाल व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं।
समिति की अपील:
पदाधिकारियों ने समस्त क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म लाभ उठाएं।