
राजेंद्र बिल्लौरे,हरदा।
जिले के रहटगांव पुलिस ने एक सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी को महज़ 72 घंटे में सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक शशांक के नेतृत्व व थाना प्रभारी मनोज दुबे की टीम की यह त्वरित कार्रवाई पुलिस की दक्षता का शानदार उदाहरण है।
बता दे कि मामला रहटगाँव थाना क्षेत्र का है। जहाँ, बीते 10 अक्टूबर को बडझिरी बोबदा रोड पर 54 वर्षीय दयाराम मौर्य का अधजला शव मिला था। शुरुआती जांच में ही पुलिस को यह स्पष्ट हो गया था कि यह हत्या का मामला है और सबूत मिटाने की कोशिश की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसपी के मार्गदर्शन में तत्काल एक विशेष जांच दल का गठन किया गया, जिसमें रहटगाँव, टिमरनी और साइबर सेल की टीमें शामिल थीं।

पुलिस को तकनीकी और मुखबिर तंत्र के सहारे अहम सुराग मिला। पुलिस को पता चला कि मृतक दयाराम को आखिरी बार टिमरनी के रहने वाले सलीम उर्फ सल्लाम के साथ देखा गया था। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर, सलीम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
एसपी शशांक ने मीडिया को बताया कि आरोपी सलीम मृतक दयाराम से लगातार पैसे वापस मांग रहा था, जिससे तंग आकर उसने हत्या की योजना बनाई। 9 अक्टूबर की रात, आरोपी ने दयाराम को जंगल ले जाकर नशा कराया, फिर डंडे से वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी, और सबूत मिटाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जला दिया। पुलिस ने आरोपी सलीम उर्फ सल्लाम के खिलाफ थाना रहटगाँव में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 238 (साक्ष्य मिटाना) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस सफल ऑपरेशन में एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया, थाना प्रभारी मनोज दुबे, उनि अजय रघुवंशी और पूरी टीम की भूमिका सराहनीय रही।

