हरदा: नियमों को ठेंगा दिखा रहे जिम्मेदार; दुलिया प्राथमिक स्कूल दूसरे दिन भी मिला बंद,मंगलवार को परिसर में हलवाई बना रहे थे शादी का भोजन

​हरदा। एक ओर जहाँ भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन बच्चों की सहूलियत के लिए स्कूलों के समय में बदलाव कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही सामने आ रही है। जिले के विकासखंड हरदा के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला दुलिया में लगातार दूसरे दिन ताला लटका मिला, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

​स्कूल बन्द, बना ‘मैरिज गार्डन’, हलवाई बना रहे थे खाना

​मंगलवार को जब मीडिया की टीम दुलिया स्कूल पहुँची, तो वहाँ का नजारा चौंकाने वाला था। शिक्षा के मंदिर में बच्चों की पढ़ाई के बजाय शादी समारोह का आयोजन चल रहा था। स्कूल परिसर में हलवाई भोजन तैयार कर रहे थे और पूरे भवन पर रसूखदारों का कब्जा था। इस दौरान न तो कोई छात्र नजर आया और न ही कोई शिक्षक।

​अधिकारियों को सूचना के बाद भी दूसरे दिन वही हाल-

​हैरानी की बात यह है कि मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी को इस मामले की जानकारी दी गई थी, जिन्होंने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद, बुधवार को भी स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा। दूसरे दिन भी स्कूल बंद पाया गया और शिक्षक नदारद रहे।

​प्रधान पाठक का अजीब तर्क: जब स्कूल के प्रधान पाठक हरगोविंद चौरसिया से इस संबंध में बात की गई, तो उन्होंने छुट्टी होने का हवाला दिया। हालांकि, विभागीय सूत्रों का कहना है कि वे बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक छुट्टी के गायब थे।

​शिक्षक भी नदारद: बुधवार को स्कूल से शिक्षक गयाप्रसाद काजवे भी अनुपस्थित पाए गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्यालय से दूर होने के कारण शिक्षक अपनी मनमर्जी से आते-जाते हैं और उन्हें शासन के नियमों का कोई भय नहीं है।

​इधर समय में बदलाव, उधर स्कूल ही बंद-

​प्रशासन ने बढ़ते तापमान,नया आदेश किया जारी

​छात्रों के लिए: कक्षा नर्सरी से 12वीं तक का समय प्रातः 7:30 से दोपहर 12:00 बजे तक तय किया गया है।
​शिक्षकों के लिए: उपस्थिति का समय प्रातः 7:00 से दोपहर 1:00 बजे तक अनिवार्य है।
​विडंबना यह है कि जहाँ शासन बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए सुबह स्कूल बुला रहा है, वहाँ दुलिया जैसे स्कूलों में ताले लटके होने के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में है।

राहुल पवारे एससी-एसटी युवा अध्यक्ष ने कहा कि अगर शासन के निर्देश अनुसार,स्कूल सुबह 7:30 से 12 बजे तक लग रही, बच्चों की शिक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।जिले के शिक्षक लापरवाही कर रहे हैं तो मैं जल्द ही कलेक्टर से मुलाकात कर शिकायत करूंगा।

​इनका कहना है?

​मामला मेरे संज्ञान में आया है। स्कूल बंद होने और शिक्षकों की अनुपस्थिति की गंभीरता से जाँच की जाएगी। जो भी कर्मचारी या शिक्षक दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​— श्रीमती सीमा ओनकर, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), हरदा

Leave a Comment