
कपिल घाटे,हरदा।
रेलवे सुरक्षा और यात्रियों की मदद में तत्पर रहने वाली हरदा जीआरपी पुलिस ने एक बार फिर मुस्तैदी की मिसाल पेश की है। चलती ट्रेन से गिरे एक यात्री के मोबाइल को जीआरपी टीम ने महज़ 1 घंटे के भीतर ढूंढकर सुरक्षित फरियादी के सुपुर्द कर दिया। अपना खोया हुआ कीमती मोबाइल इतनी जल्दी वापस पाकर यात्री के चेहरे पर खुशी लौट आई।
चलती ट्रेन से गिरा था फ़ोन-
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को फरियादी दीनानाथ निवासी गोरखपुर, कुशीनगर एक्सप्रेस से मनमाड से गोरखपुर की यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान भिरंगी से हरदा स्टेशन के बीच जब वे फोन पर बात कर रहे थे, तभी अचानक उनका मोबाइल हाथ से छूटकर ट्रेन के बाहर गिर गया। यात्री ने अपने स्तर पर मोबाइल ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
जीआरपी प्रभारी ने तुरंत लिया संज्ञान-
परेशान होकर फरियादी दीनानाथ ने हरदा स्टेशन पर उतरकर तुरंत इसकी सूचना जीआरपी हरदा को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरदा जीआरपी प्रभारी कमलेश रघुवंशी ने तत्काल संज्ञान लिया और बिना वक्त गंवाए आरक्षक जितेन्द्र कुचबंदिया एवं अनिरुद्ध चौहान को तफ्तीश और खोजबीन के लिए मौके पर रवाना किया।
आरक्षक जितेन्द्र कुचबंदिया की रही अहम भूमिका-
मामले की सूचना मिलते ही दोनों आरक्षक तुरंत उस ट्रैक और लोकेशन की ओर रवाना हुए जहाँ मोबाइल गिरने की आशंका थी। जीआरपी पुलिस द्वारा घटना लोकेशन पर पहुचे, पूछताछ की गई तो एक व्यक्ति द्वारा बताया गया की मोबाइल मुझे मिला है। जीआरपी पुलिस ने मोबाइल को अपने पास लिया है। इसके बाद फरियादी के सुपुर्द कर दिया है।
बता दे कि जीआरपी पुलिस की तत्परता से मोबाइल को ढूंढ निकाला गया। इस पूरे सर्च ऑपरेशन में आरक्षक जितेन्द्र कुचबंदिया की अहम भूमिका रही, जिन्होंने सटीक अनुमान लगाकर बेहद कम समय में मोबाइल रिकवर कर लिया।
खुशी के साथ विदा हुआ यात्री:
कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जीआरपी टीम ने मोबाइल फरियादी दीनानाथ को सौंप दिया। यात्री दीनानाथ ने हरदा जीआरपी पुलिस, विशेषकर प्रभारी कमलेश रघुवंशी और आरक्षक जितेन्द्र व अनिरुद्ध की इस त्वरित कार्रवाई और मददगार रवैये के लिए दिल से आभार व्यक्त किया।