
राजेंद्र बिल्लोरे, हरदा।
बैंकिंग क्षेत्र में फाइव डे वर्किंग’ (सप्ताह में 5 दिन काम) की व्यवस्था तुरंत लागू करने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉई यूनियन यूएफबीयू के बैनर तले बैंक कर्मचारियों ने बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के सामने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। देशव्यापी आह्वान के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बैंक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
2 साल से लंबित है वित्त मंत्रालय की मंजूरी-
यूनियन के संयुक्त सचिव कुलदीप ओझा ने बताया कि 5 दिन वर्किंग का यह मामला पिछले 2 वर्षों से वित्त मंत्रालय की अंतिम मंजूरी के लिए लंबित पड़ा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दायरे के बावजूद बैंक शाखाओं में काम का बोझ और ट्रांजेक्शन वॉल्यूम काफी बढ़ गया है। कर्मचारियों और अधिकारियों की भारी कमी के चलते मौजूदा स्टाफ पर काम का अत्यधिक दबाव है।
वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए शनिवार का अवकाश जरूरी
यूनियन के सचिव निलेश भाटी ने कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस में सुधार के लिए सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करना बेहद जरूरी बताया। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2024 में हुए वेतन संशोधन समझौते के दौरान यह तय हुआ था कि दैनिक कार्य अवधि को 40 मिनट बढ़ाया जाएगा और इसके बदले शनिवार को पूर्ण अवकाश घोषित किया जाएगा, जिसे अब तक अमल में नहीं लाया गया है।
देशव्यापी प्रदर्शन में एकजुट हुए कर्मचारी-
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के तत्वावधान में आयोजित इस धरना प्रदर्शन में राहुल, कंचन, दीप्ति, सोनम, अर्पित, वैभव, मुकेश, भूपेंद्र और जितेंद्र सहित कई बैंक कर्मचारी व अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग जल्द पूरी नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।