सिराली: कतिया समाज के 51 शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान, वक्ताओं ने शिक्षा और सामाजिक एकजुटता पर दिया जोर

​राजेंद्र बिल्लोरे, हरदा।

आखाजी भानाजी कतिया समाज कल्याण समिति सिराली के तत्वावधान में रविवार को जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर से आए कतिया समाज के 51 शिक्षकों को फूल-माला, श्रीफल व स्मृति चिह्न भेंट किए गए।

​कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं शिक्षकों द्वारा समाज के इष्ट देवता आखाजी-भानाजी तथा महापुरुषों के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह की अध्यक्षता आखाजी भानाजी कतिया समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र काजबे ने की। मंच संचालन युवा समाजसेवी अजय मंडलेकर ने किया।

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​शिक्षा से ही संभव है समाज का विकास-

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पन्नालाल कुल्हारे, सुदामा प्रसाद चौरे, राधेश्याम लखोरे तथा विशेष अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी शिवप्रसाद मल्हारे, खुशियाल मंडलेकर एवं शिवशंकर नागले उपस्थित रहे।
​सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी आर.डी. चोलकर ने कहा कि समाज के समग्र उत्थान के लिए शिक्षा सबसे सशक्त माध्यम है। समाज शिक्षित होगा तभी संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर सकेगा। वरिष्ठ समाजसेवी खुशियाल मंडलेकर ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि सामाजिक चेतना लाने के लिए युवाओं को गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाना होगा।

​महापुरुषों के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प-

वक्ता जी.आर. चौरसिया ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और समाज सेवा में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, प्रभु दयाल उमरिया ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के संवैधानिक योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि संविधान से ही हमारे हक और अधिकार सुरक्षित हैं, जिनकी जानकारी प्रत्येक नागरिक को होना आवश्यक है।

​इस अवसर पर हरिप्रसाद लोचकर, जी.डी. दुधे, रविशंकर ओनकर, एन.डी. दुधे, रामनिवास मंडलेकर, देवसर दुधे, वंशी चौरे, किसन लखौरे, योगेश मल्हारे, इमरत लाल काजवे, गणपत चौरसिया, कालूराम सेजकर, घनश्याम चौरे, समिति सचिव देवीसिंह सेजकर, अशोक लखोरे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व समाजजन उपस्थित रहे।

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