
राजेंद्र बिल्लोरे, हरदा।
जिले में महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति सजगता बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को ग्राम काकरिया में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विवेक शर्मा के मार्गदर्शन तथा वन स्टॉप सेंटर प्रशासक श्रीमती सुचिता इक्का के कुशल नेतृत्व में आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 01, काकरिया में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं व कानूनी अधिकारों पर चर्चा–
कार्यक्रम के दौरान वन स्टॉप सेंटर की केसवर्कर राजकुमारी तंवर ने उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या संकट से पीड़ित महिलाओं को केंद्र के माध्यम से एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
• परामर्श (काउंसलिंग) सहायता: मानसिक व व्यावहारिक संबल प्रदान करने के लिए।
• निःशुल्क विधिक सहायता: कानूनी प्रक्रिया और अधिकारों के लिए मुफ्त परामर्श।
• अस्थाई आश्रय सहायता: संकट की स्थिति में सुरक्षित रहने का स्थान।
• चिकित्सा एवं पुलिस सहायता: त्वरित इलाज और पुलिसिया कार्रवाई में सहयोग।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के प्रति किया जागरूक
महिलाओं और बच्चों को विषम परिस्थितियों में तत्काल मदद प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई और उन्हें मोबाइल में सेव रखने की सलाह दी गई:
• महिला हेल्पलाइन: 181
• आपातकालीन सहायता नंबर: 112
• साइबर अपराध सुरक्षा नंबर: 1930
• चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
बाल विवाह निषेध अधिनियम और सामाजिक चेतना-
शिविर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा पर कड़ा प्रहार करते हुए बाल विवाह निषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया गया। केसवर्कर ने बाल विवाह से कम उम्र में लड़कियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों और उनके भविष्य पर लगने वाले विराम के बारे में समझाते हुए पूरे गांव को इसके विरुद्ध एकजुट व जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति-
इस जागरूकता शिविर के सफल संचालन में स्थानीय आंगनवाड़ी अमले और वन स्टॉप सेंटर की टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सुषमा चौरे, सहायिका श्रीमती माया ठाकुर, वन स्टॉप सेंटर हरदा की केसवर्कर राजकुमारी तंवर सहित केंद्र का अन्य सहयोगी स्टाफ और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।